सूरह 10 · जुज़ 11
Yunus · 10:101
قُلِ انْظُرُوا مَاذَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَمَا تُغْنِي الْآيَاتُ وَالنُّذُرُ عَنْ قَوْمٍ لَا يُؤْمِنُونَ
(हे नबी!) उनसे कहो कि उसे देखो, जो आकाशो तथा धरती में है और निशानियाँ तथा चेतावनियाँ उन्हें क्या लाभ दे सकती हैं, जो ईमान (विश्वास) न रखते हों?
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप उन मुश्रिकों से, जो आपसे निशानियों का प्रश्न करते हैं, कह दें : विचार करो कि आकाशों और धरती में अल्लाह के एकेश्वरवाद और उसकी शक्ति को इंगित करने वाली क्या-क्या निशानियाँ हैं। जो लोग, अविश्वास पर अपने हठ के कारण, ईमान लाने को तैयार नहीं हैं, उन्हें निशानियों, तर्कों और संदेशवाहकों का उतारना कोई लाभ नहीं देता।
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