सूरह 10 · जुज़ 11

Yunus · 10:10

دَعْوَاهُمْ فِيهَا سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَتَحِيَّتُهُمْ فِيهَا سَلَامٌ ۚ وَآخِرُ دَعْوَاهُمْ أَنِ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ

उनकी पुकार उस (स्वर्ग) में ये होगीः "हे अल्लाह! तू पवित्र है।" और एक-दूसरे को उसमें उनका आशीर्वाद ये होगाः "तुमपर शान्ति हो।" और उनकी प्रार्थना का अंत ये होगाः "सब प्रशंसा, अल्लाह के लिए है, जो सम्पूर्ण विश्व का पालनहार है।"

तफ़सीर

जन्नत में उनकी प्रार्थना अल्लाह की तसबीह व तक़दीस (प्रशंसा और पवित्रता) होगी तथा उन्हें अल्लाह का अभिवादन, फ़रिश्तों का अभिवादन और उनका एक-दूसरे का अभिवादन : सलाम (शांति) होगा, तथा उनकी प्रार्थना का अंत सभी प्राणियों के पालनहार की प्रशंसा पर होगा।

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