الهندية
سورة سبأ · 34:38
وَالَّذِينَ يَسْعَوْنَ فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ فِي الْعَذَابِ مُحْضَرُونَ
तथा जो प्रयास करते हैं हमारी आयतों में विवश करने के लिए,[1] तो वही यातना में ग्रस्त होंगे।
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1. अर्थात हमारी आयतों को नीचा दिखाने के लिये।
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1. अर्थात हमारी आयतों को नीचा दिखाने के लिये।