الهندية
سورة طه · 20:2
مَا أَنْزَلْنَا عَلَيْكَ الْقُرْآنَ لِتَشْقَىٰ
हमने नहीं अवतरित किया है आपपर क़ुर्आन इस लिए कि आप दुःखी हों[1]।
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1. अर्थात विरोधियों के ईमान न लाने पर।
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1. अर्थात विरोधियों के ईमान न लाने पर।