الهندية
سورة يونس · 10:18
وَيَعْبُدُونَ مِنْ دُونِ اللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُمْ وَلَا يَنْفَعُهُمْ وَيَقُولُونَ هَٰؤُلَاءِ شُفَعَاؤُنَا عِنْدَ اللَّهِ ۚ قُلْ أَتُنَبِّئُونَ اللَّهَ بِمَا لَا يَعْلَمُ فِي السَّمَاوَاتِ وَلَا فِي الْأَرْضِ ۚ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
और वे अल्लाह के सिवा, उनकी इबादत (वंदना) करते हैं, जो न तो उन्हें कोई हानि पहुँचा सकते हैं और न कोई लाभ और कहते हैं ये अल्लाह के यहाँ, हमारे अभिस्तावक (सिफारिशी) हैं, आप कहियेः क्या तुम अल्लाह को ऐसी बात की सूचना दे रहे हो, जिसके होने को न वह आकाशों में जानता है और न धरती में? वह पवित्र और उच्च है, उस शिर्क (मिश्रणवाद) से, जो वे कर रहे हैं।