Hindi

Al-Layl · 92:4

إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰ

वास्तव में, तुम्हारे प्रयास अलग-अलग हैं।[1]
____________________
1. (1-4) इन आयतों का भावार्थ यह है कि जिस प्रकार रात दिन तथा नर मादा (स्त्री-पुरुष) भिन्न हैं, और उन के लक्षण और प्रभाव भी भिन्न हैं, इसी प्रकार मानव जाति (इन्सान) के विश्वास, कर्म भी दो भिन्न प्रकार के हैं। और दोनों के प्रभाव और परिणाम भी विभिन्न हैं।

Тефсир на вашем језику

Тефсири на арапском

Превод

Слушај