Hindi

Ghafir · 40:5

كَذَّبَتْ قَبْلَهُمْ قَوْمُ نُوحٍ وَالْأَحْزَابُ مِنْ بَعْدِهِمْ ۖ وَهَمَّتْ كُلُّ أُمَّةٍ بِرَسُولِهِمْ لِيَأْخُذُوهُ ۖ وَجَادَلُوا بِالْبَاطِلِ لِيُدْحِضُوا بِهِ الْحَقَّ فَأَخَذْتُهُمْ ۖ فَكَيْفَ كَانَ عِقَابِ

झुठलाया इनसे पूर्व, नूह़ की जाति ने तथा बहुत-से समुदायों ने उनके पश्चात् तथा विचार किया प्रत्येक समुदाय ने अपने रसूल को बंदी बना लेने का तथा विवाद किया असत्य के सहारे, ताकि असत्य बना दें सत्य को। तो हमने उन्हें पकड़ लिया। फिर कैसी रही हमारी यातना?

Тефсир на вашем језику

Тефсири на арапском

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