Hindi

Az-Zumar · 39:53

۞ قُلْ يَا عِبَادِيَ الَّذِينَ أَسْرَفُوا عَلَىٰ أَنْفُسِهِمْ لَا تَقْنَطُوا مِنْ رَحْمَةِ اللَّهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ يَغْفِرُ الذُّنُوبَ جَمِيعًا ۚ إِنَّهُ هُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ

आप कह दें मेरे उन भक्तों से, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किये हैं कि तुम निराश[1] न हो अल्लाह की दया से। वास्तव में, अल्लाह क्षमा कर देता है सब पापों को। निश्चय वह अति क्षमी, दयावान् है।
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1. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास कुछ मुश्रिक आये जिन्हों ने बहुत जानें मारीं और बहुत व्यभिचार किये थे। और कहाः वास्तव में आप जो कुछ कह रहे हैं वह बहुत अच्छा है। तो आप बातयें कि हम ने जो कुकर्म किये हैं उन के लिये कोई कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) है? उसी पर क़ुर्क़ान की आयत 68 और यह आयत उतरी। (सह़ीह़ बुख़ारीः 4810)

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