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Fatir · 35:28

وَمِنَ النَّاسِ وَالدَّوَابِّ وَالْأَنْعَامِ مُخْتَلِفٌ أَلْوَانُهُ كَذَٰلِكَ ۗ إِنَّمَا يَخْشَى اللَّهَ مِنْ عِبَادِهِ الْعُلَمَاءُ ۗ إِنَّ اللَّهَ عَزِيزٌ غَفُورٌ

तथा मनुष्य, जीवों तथा पशुओं में भी विभिन्न रंगों के हैं, इसी प्रकार। वास्तव में, डरते हैं अल्लाह से उसके भक्तों में से वही जो ज्ञानी[1] हों। निःसंदेह अल्लाह अति प्रभुत्वशाली, क्षमी है।
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1. अर्थात अल्लाह के इन सामर्थ्यों तथा रचनात्मक गुणों को जान सकते हैं जिन को क़ुर्आन तथा ह़दीसों का ज्ञान हो। और उन्हें जितना ही अल्लाह का आत्मिक ज्ञान होता है उतना ही वह अल्लाह से डरते हैं। मानो जो अल्लाह से नहीं डरते वह ज्ञानशून्य होते हैं। (इब्ने कसीर)

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