Hindi

Luqman · 31:20

أَلَمْ تَرَوْا أَنَّ اللَّهَ سَخَّرَ لَكُمْ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ وَأَسْبَغَ عَلَيْكُمْ نِعَمَهُ ظَاهِرَةً وَبَاطِنَةً ۗ وَمِنَ النَّاسِ مَنْ يُجَادِلُ فِي اللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَلَا هُدًى وَلَا كِتَابٍ مُنِيرٍ

क्या तुमने नहीं देखा कि अल्लाह ने वश में कर दिया[1] है तुम्हारे लिए, जो कुछ आकाशों तथा धरती में है तथा पूर्ण कर दिया है तुमपर अपना पुरस्कार, खुला तथा छुपा? और कुछ लोग विवाद करते हैं अल्लाह के विषय[2] में, बिना किसी ज्ञान, बिना किसी मार्गदर्शन और बिना किसी दिव्य (रौशन) पुस्तक के।
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1. अर्थात तुम्हारी सेवा में लगा रखा है। 2. अर्थात उस के अस्तित्व और उस के अकेले पूज्य होने के विषय में।

Тефсир на вашем језику

Тефсири на арапском

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