Hindi

Yusuf · 12:38

وَاتَّبَعْتُ مِلَّةَ آبَائِي إِبْرَاهِيمَ وَإِسْحَاقَ وَيَعْقُوبَ ۚ مَا كَانَ لَنَا أَنْ نُشْرِكَ بِاللَّهِ مِنْ شَيْءٍ ۚ ذَٰلِكَ مِنْ فَضْلِ اللَّهِ عَلَيْنَا وَعَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَشْكُرُونَ

और अपने पूर्वजों; इब्राहीम, इस्ह़ाक़ और याक़ूब के धर्म का अनुसरण किया है। हमारे लिए वैध नहीं कि किसी चीज़ को अल्लाह का साझी बनायें। ये अल्लाह की दया है, हमपर और लोगों पर। परन्तु अधिक्तर लोग कृतज्ञ नहीं होते[1]।
____________________
1. अर्थात तौह़ीद और नबियों के धर्म को नहीं मानते जो अल्लाह का उपकार है।

Тефсир на вашем језику

Тефсири на арапском

Превод

Слушај