Hindi

Ibrahim · 14:38

رَبَّنَا إِنَّكَ تَعْلَمُ مَا نُخْفِي وَمَا نُعْلِنُ ۗ وَمَا يَخْفَىٰ عَلَى اللَّهِ مِنْ شَيْءٍ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ

हमारे पालनहार! तू जानता है, जो हम छुपाते और जो व्यक्त करते हैं और अल्लाह से कुछ छुपा नहीं रहता, धरती में और न आकाशों में।