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Luqman · 31:13

وَإِذْ قَالَ لُقْمَانُ لِابْنِهِ وَهُوَ يَعِظُهُ يَا بُنَيَّ لَا تُشْرِكْ بِاللَّهِ ۖ إِنَّ الشِّرْكَ لَظُلْمٌ عَظِيمٌ

तथा (याद करो) जब लुक़मान ने कहा अपने पुत्र से, जब वह समझा रहा था उसेः हे मेरे पुत्र! साझी मत बना अल्लाह का, वास्तव में, शिर्क (मिश्रणवाद) बड़ा घोर अत्याचार[1] है।
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1. ह़दीस में है कि घोर पापों में से, अल्लाह के साथ शिर्क करना, माँ-बाप के साथ बुरा व्यवहार, जान मारना तथा झूठी शपथ लेना है। (सह़ीह़ बुख़ारी, ह़दीस संख्याः7257)

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