الهندية
سورة طه · 20:6
لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَمَا تَحْتَ الثَّرَىٰ
उसी का[1] है, जो आकाशों, जो धरती में, जो दोनों के बीच तथा जो भूमि के नीचे है।
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1. अर्थात उसी के स्वामित्व में तथा उसी के अधीन है।
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1. अर्थात उसी के स्वामित्व में तथा उसी के अधीन है।