Hindi

Luqman · 31:7

وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِ آيَاتُنَا وَلَّىٰ مُسْتَكْبِرًا كَأَنْ لَمْ يَسْمَعْهَا كَأَنَّ فِي أُذُنَيْهِ وَقْرًا ۖ فَبَشِّرْهُ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ

और जब पढ़ी जायें उसके समक्ष हमारी आयतें, तो वह मुख फेर लेता है घमण्ड करते हुए। जैसे उसके दोनों कान बहरे हों, तो आप उसे शुभसूचना सुना दें दुःखदायी यातना की।