सूरह 96 · जुज़ 30

Al-Alaq · 96:8

إِنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الرُّجْعَىٰ

निःसंदेह, फिर तेरे पालनहार की ओर पलट कर जाना है।[1]
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1. (6-8) इन आयतों में उन को धिक्कारा है जो धन के अभिमान में अल्लाह की अवज्ञा करते हैं और इस बात से निश्चिन्त हैं कि एक दिन उन्हें अपने कर्मों का जवाब देने के लिये अल्लाह के पास जाना भी है।

तफ़सीर

निश्चय (ऐ इनसान) क़ियामत के दिन तेरे रब ही की ओर वापस लौटना है। फिर वह हर एक को वह बदला देगा, जिसका वह हक़दार है।

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