सूरह 96 · जुज़ 30
Al-Alaq · 96:16
نَاصِيَةٍ كَاذِبَةٍ خَاطِئَةٍ
झूठे और पापी माथे के बल।
तफ़सीर
उस माथे की लट वाला अपने कथन में झूठा और अपने कार्य में गलत है।
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सूरह 96 · जुज़ 30
نَاصِيَةٍ كَاذِبَةٍ خَاطِئَةٍ
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