सूरह 96 · जुज़ 30

Al-Alaq · 96:13

أَرَأَيْتَ إِنْ كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ

और देखो तो, यदि उसने झुठलाया तथा मुँह फेरा हो?[1]
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1. (9-13) इन आयतों में उन पर धिक्कार है जो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के विरोध पर तुल गये। और इस्लाम और मुसलमानों की राह में रुकावट डालते और नमाज़ से रोकते हैं।

तफ़सीर

भला बतलाओ तो सही कि यदि इस रोकने वाले न रसूल के लाए हुए संदेश को झुठलाया और उससे मुँह फेर लिया, तो क्या वह अल्लाह से डरता नहीं है?!

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