सूरह 95 · जुज़ 30
At-Tin · 95:2
وَطُورِ سِينِينَ
एवं "तूरे सीनीन" की शपथ!
तफ़सीर
और सीना (सीनाई) पर्वत की क़सम खाई है, जिसके पास अल्लाह ने अपने नबी मूसा अलैहिस्सलाम से बात की थी।
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सूरह 95 · जुज़ 30
وَطُورِ سِينِينَ
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