सूरह 94 · जुज़ 30
Indeed, with hardship comes ease · Ash-Sharh 94:6
إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
निश्चय कठिनाई के साथ आसानी भी है।[1]
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1. (5-6) इन आयतों में विश्व का पालनहार अपने भक्त (मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को विश्वास दिला रहा है कि उलझनों का यह समय देर तक नहीं रहेगा इसी के साथ सरलता तथा सुविधा का समय भी लगा आ रहा है। अर्थात आप का आगामी युग व्यतीत युग से उत्तम होगा जैसा कि "सूरह ज़ुह़ा" में कहा गया है।
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1. (5-6) इन आयतों में विश्व का पालनहार अपने भक्त (मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को विश्वास दिला रहा है कि उलझनों का यह समय देर तक नहीं रहेगा इसी के साथ सरलता तथा सुविधा का समय भी लगा आ रहा है। अर्थात आप का आगामी युग व्यतीत युग से उत्तम होगा जैसा कि "सूरह ज़ुह़ा" में कहा गया है।
तफ़सीर
निश्चय हर कठिनाई और संकट के साथ एक आसानी, विस्तार और राहत है। जब आपको यह मालूम हो गया, तो आप अपनी जाति के कष्ट पहुँचाने से भयभीत (चिंतित) न हों और यह आपको अल्लाह की ओर बुलाने से न रोके।
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