सूरह 93 · जुज़ 30

Ad-Duha · 93:11

وَأَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْ

और अपने पालनहार के उपकार का वर्णन करना।[1]
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1. (10-11) इन अन्तिम आयतों में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को बताया गया है कि हम ने तुम पर जो उपकार किये हैं उन के बदले में तुम अल्लाह की उत्पत्ति के साथ दया और उपकार करो यही हमारे उपकारों की कृतज्ञता होगी।

तफ़सीर

तथा आप अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों का शुक्रिया अदा करें और उन्हें बयान करते रहें।

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