सूरह 90 · जुज़ 30
Al-Balad · 90:17
ثُمَّ كَانَ مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ وَتَوَاصَوْا بِالْمَرْحَمَةِ
फिर वह उन लोगों में होता है जो ईमान लाये और जिन्होंने धैर्य (सहनशीलता) एवं उपकार के उपदेश दिये।
तफ़सीर
फिर वह उन लोगों में से हो, जो अल्लाह पर ईमान लाए और एक-दूसरे को नेक कामों पर डटे रहने, गुनाहों से दूर रहने और मुसीबत के समय धैर्य रखने की सलाह दी, तथा एक-दूसरे को अल्लाह के बंदों पर दया करने की सलाह दी।
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