सूरह 90 · जुज़ 30
Al-Balad · 90:11
فَلَا اقْتَحَمَ الْعَقَبَةَ
तो वह घाटी में घुसा ही नहीं।
तफ़सीर
उसे चाहि था कि उस घाटी को पार करता, जो उसे जन्नत से अलग करती है। चुनाँचे वह उसे तय करता और उसे पार कर जाता।
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सूरह 90 · जुज़ 30
فَلَا اقْتَحَمَ الْعَقَبَةَ
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