सूरह 87 · जुज़ 30
Al-A'la · 87:17
وَالْآخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ
जबकि आख़िरत का जीवन ही उत्त्म और स्थायी है।
तफ़सीर
हालाँकि आख़िरत अधिक उत्तम और दुनिया तथा उसके आनंदों एवं सुख-सामग्रियों से बेहतर और अधिक स्थायी है, क्योंकि उसकी नेमतें कभी समाप्त नहीं होंगी।
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