सूरह 83 · जुज़ 30
Al-Mutaffifin · 83:9
كِتَابٌ مَرْقُومٌ
वह लिखित महान पुस्तक है।
तफ़सीर
उनका कर्म-पत्र लिखा हुआ है, जो मिट नहीं सकता, और न उसमें कुछ बढ़ाया जा सकता है और न ही घटाया जा सकता है।
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सूरह 83 · जुज़ 30
كِتَابٌ مَرْقُومٌ
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