सूरह 83 · जुज़ 30
Al-Mutaffifin · 83:4
أَلَا يَظُنُّ أُولَٰئِكَ أَنَّهُمْ مَبْعُوثُونَ
क्या वे नहीं सोचते कि फिर जीवित किये जायेंगे?
तफ़सीर
क्या इस बुराई को करने वाले ये लोग इस बात पर विश्वास (यक़ीन) नहीं रखते कि वे (मरने के बाद दोबारा) अल्लाह की ओर उठाए जाने वाले हैं?!
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