सूरह 80 · जुज़ 30

Abasa · 80:11

كَلَّا إِنَّهَا تَذْكِرَةٌ

कदापि ये न करो, ये (अर्थात क़ुर्आन) एक स्मृति (याद दहानी) है।

तफ़सीर

यह मामला ऐसी नहीं है, यह तो स्वीकार करने वाले के लिए एक उपदेश और चेतावनी है।

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