सूरह 8 · जुज़ 9

Al-Anfal · 8:29

يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِنْ تَتَّقُوا اللَّهَ يَجْعَلْ لَكُمْ فُرْقَانًا وَيُكَفِّرْ عَنْكُمْ سَيِّئَاتِكُمْ وَيَغْفِرْ لَكُمْ ۗ وَاللَّهُ ذُو الْفَضْلِ الْعَظِيمِ

हे ईमान वालो! यदि तुम अल्लाह से डरोगे, तो तुम्हें विवेक[1] प्रदान करेगा तथा तुमसे तुम्हारी बुराईयाँ दूर कर देगा, तुम्हे क्षमा कर देगा और अल्लाह बड़ा दयाशील है।
____________________
1. विवेक का अर्थ है सत्य और असत्य के बीच अन्तर करने की शक्ति। कुछ ने फ़ुर्क़ान का अर्थ निर्णय लिया है। अर्थात अल्लाह तुम्हारे और तुम्हारे विरोधियों के बीच निर्णय कर देगा।

तफ़सीर

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! जान लो कि अगर तुम अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरोगे, तो वह तुम्हें सत्य और असत्य के बीच अंतर करने की शक्ति प्रदान करेगा, जिससे तुम्हारे लिए दोनों गड्ड-मड्ड नहीं होंगे। तथा जो कुछ तुमने बुरे कार्य किए होंगे, वह उन्हें तुमसे मिटा देगा और तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा। और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है। और उसका एक बड़ा अनुग्रह उसकी जन्नत है, जिसे उसने अपने डरने वाले बंदों के लिए तैयार की है।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें