सूरह 8 · जुज़ 9
Al-Anfal · 8:2
إِنَّمَا الْمُؤْمِنُونَ الَّذِينَ إِذَا ذُكِرَ اللَّهُ وَجِلَتْ قُلُوبُهُمْ وَإِذَا تُلِيَتْ عَلَيْهِمْ آيَاتُهُ زَادَتْهُمْ إِيمَانًا وَعَلَىٰ رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ
वास्तव में, ईमान वाले वही हैं कि जब अल्लाह का वर्णन किया जाये, तो उनके दिल काँप उठते हैं और जब उनके समक्ष उसकी आयतें पढ़ी जायें, तो उनका ईमान अधिक हो जाता है और वे अपने पालनहार पर ही भरोसा रखते हैं।
तफ़सीर
वास्तव में, ईमान वाले वही लोग हैं कि जब अल्लाह का वर्णन किया जाए, तो उनके दिल काँप उठते हैं, और उनके दिल और शरीर आज्ञापालन की ओर आकर्षित हो जाते हैं, और जब उनके सामने अल्लाह की आयतें पढ़ी जाती हैं, तो उनपर चिंतन करते हैं, जिसके फलस्वरूप उनका ईमान बढ़ जाता है, तथा वे अपने हितों को प्राप्त करने और अपनी बुराइयों को दूर करने में केवल अपने पालनहार ही पर भरोसा करते हैं।
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