सूरह 76 · जुज़ 29
Al-Insan · 76:28
نَحْنُ خَلَقْنَاهُمْ وَشَدَدْنَا أَسْرَهُمْ ۖ وَإِذَا شِئْنَا بَدَّلْنَا أَمْثَالَهُمْ تَبْدِيلًا
हमने ही उन्हें पैदा किया है और सुदृढ़ किये हैं उनके जोड़-बंद तथा जब हम चाहें बदला दें उनके[1] जैसे (दूसरों को)।
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1. अर्थात इन का विनाश कर के इन के स्थान पर दूसरों को पैदा कर दें।
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1. अर्थात इन का विनाश कर के इन के स्थान पर दूसरों को पैदा कर दें।
तफ़सीर
हम ही ने उन्हें पैदा किया और उनके जोड़ों और अंगों आदि को मज़बूत करके उनकी रचना को मज़बूत किया। तथा जब हम उन्हें नष्ट करना और उन्हें बदलकर उन्हीं जैसों को लाना चाहेंगे, तो हम उन्हें नष्ट कर देंगे और उन्हें बदल देंगे।
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