सूरह 74 · जुज़ 29
Al-Muddaththir · 74:8
فَإِذَا نُقِرَ فِي النَّاقُورِ
फिर जब फूँका जायेगा[1] नरसिंघा में।
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1. अर्थात प्रलय के दिन।
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1. अर्थात प्रलय के दिन।
तफ़सीर
फिर जब सूर में दूसरी बार फूँक मारी जाएगी।
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