सूरह 74 · जुज़ 29

Al-Muddaththir · 74:6

وَلَا تَمْنُنْ تَسْتَكْثِرُ

तथा उपकार न करो इसलिए कि उसके द्वारा अधिक लो।

तफ़सीर

और अपने अच्छे कार्यों को अधिक समझकर अपने रब पर उपकार न जताओ।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें