सूरह 74 · जुज़ 29
Al-Muddaththir · 74:50
كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُسْتَنْفِرَةٌ
मानो वे (जंगली) गधे हैं, बिदकाये हुए।
तफ़सीर
वे क़ुरआन से मुँह मोड़ने और उससे भागने में सख़्त बिदकने वाले जंगली गधों जैसे मालूम होते हैं।
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सूरह 74 · जुज़ 29
كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُسْتَنْفِرَةٌ
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