सूरह 74 · जुज़ 29
Al-Muddaththir · 74:38
كُلُّ نَفْسٍ بِمَا كَسَبَتْ رَهِينَةٌ
प्रत्येक प्राणी अपने कर्मों के बदले में बंधक है।[1]
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1. यदि सत्कर्म किया तो मुक्त हो जायेगा।
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1. यदि सत्कर्म किया तो मुक्त हो जायेगा।
तफ़सीर
हर प्राणी की उसके किए हुए कर्मों पर पकड़ होगी। चुनाँचे या तो उसके कर्म उसका विनाश कर देंगे, और या तो उसे विनाश से बचा लेंगे।
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