सूरह 74 · जुज़ 29

Al-Muddaththir · 74:25

إِنْ هَٰذَا إِلَّا قَوْلُ الْبَشَرِ

ये तो बस मनुष्य[1] का कथन है।
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1. अर्थात अल्लाह की वाणी नहीं है।

तफ़सीर

यह अल्लाह की वाणी नहीं, बल्कि वह इनसान की वाणी है।

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