सूरह 73 · जुज़ 29
Al-Muzzammil · 73:10
وَاصْبِرْ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَاهْجُرْهُمْ هَجْرًا جَمِيلًا
और सहन करें उन बातों को, जो वे बना रहे हैं[1] और अलग हो जायें उनसे सुशीलता के साथ।
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1. अर्थात आप के तथा सत्धर्म के विरुध्द।
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1. अर्थात आप के तथा सत्धर्म के विरुध्द।
तफ़सीर
और ये झुठलाने वाले जो उपहास और अपशब्द कहते हैं, उनपर सब्र करें और बिना किसी नुक़सान के उन्हें छोड़ दें।
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