सूरह 72 · जुज़ 29
Al-Jinn · 72:7
وَأَنَّهُمْ ظَنُّوا كَمَا ظَنَنْتُمْ أَنْ لَنْ يَبْعَثَ اللَّهُ أَحَدًا
और ये कि मनुष्यों ने भी वही समझा, जो तुमने अनुमान लगाया कि कभी अल्लाह फिर जीवित नहीं करेगा, किसी को।
तफ़सीर
और यह कि इनसानों ने भी तुम्हारी तरह यही सोचा था कि अल्लाह किसी को उसकी मृत्यु के बाद हिसाब और प्रतिफल के लिए कभी पुनर्जीवित नहीं करेगा।
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