सूरह 72 · जुज़ 29
Al-Jinn · 72:28
لِيَعْلَمَ أَنْ قَدْ أَبْلَغُوا رِسَالَاتِ رَبِّهِمْ وَأَحَاطَ بِمَا لَدَيْهِمْ وَأَحْصَىٰ كُلَّ شَيْءٍ عَدَدًا
ताकि वह देख ले कि उन्होंने पहुँचा दिये हैं अपने पालनहार के उपदेश[1] और उसने घेर रखा है, जो कुछ उनके पास है और प्रत्येक वस्तु को गिन रखा है।
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1. अर्थात वह रसूलों की दशा को जानता है। उस ने प्रत्येक चीज़ को गिन रखा है ताकि रसूलों के उपदेश पहुँचाने में कोई कमी और अधिक्ता न हो। इस लिये लोगों को रसूलों की बातें मान लेनी चाहिये।
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1. अर्थात वह रसूलों की दशा को जानता है। उस ने प्रत्येक चीज़ को गिन रखा है ताकि रसूलों के उपदेश पहुँचाने में कोई कमी और अधिक्ता न हो। इस लिये लोगों को रसूलों की बातें मान लेनी चाहिये।
तफ़सीर
आशा है कि रसूल जान ले कि उसके पहले के रसूलों ने अपने पालनहार के संदेशों को पहुँचा दिया था, जिनके पहुँचाने का अल्लाह ने उन्हें आदेश दिया था क्योंकि अल्लाह ने उन्हें (भी) अपने देखभाल से घेर रखा था। तथा अल्लाह ने, जो कुछ फ़रिश्तों और रसूलों के पास है, अपने ज्ञान से घेर रखा है। इसलिए उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। और उसने हर चीज़ की संख्या गिन रखी है। अतः उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है।
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