सूरह 70 · जुज़ 29
Al-Ma'arij · 70:34
وَالَّذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَاتِهِمْ يُحَافِظُونَ
तथा जो अपनी नमाज़ों की रक्षा करते हैं।
तफ़सीर
और जो अपनी नमाज़ की रक्षा करते हैं; पवित्रता और हृदय शांति के साथ तथा उसके समय पर उसकी अदायगी करके। कोई चीज़ उन्हें नमाज़ से ग़ाफ़िल नहीं होने देती।
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