सूरह 7 · जुज़ 9
Al-A'raf · 7:97
أَفَأَمِنَ أَهْلُ الْقُرَىٰ أَنْ يَأْتِيَهُمْ بَأْسُنَا بَيَاتًا وَهُمْ نَائِمُونَ
तो क्या नगर वासी इस बात से निश्चिन्त हो गये हैं कि उनपर हमारी यातना रातों-रात आ जाये और वे पड़े सो रहे हों?
तफ़सीर
तो क्या इन झुठलाने वाली बस्तियों के लोग इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि उनपर हमारी यातना रात के समय आ जाए और वे अपने आराम और शांति में लीन होकर सो रहे हैं?
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