सूरह 7 · जुज़ 9
Al-A'raf · 7:88
۞ قَالَ الْمَلَأُ الَّذِينَ اسْتَكْبَرُوا مِنْ قَوْمِهِ لَنُخْرِجَنَّكَ يَا شُعَيْبُ وَالَّذِينَ آمَنُوا مَعَكَ مِنْ قَرْيَتِنَا أَوْ لَتَعُودُنَّ فِي مِلَّتِنَا ۚ قَالَ أَوَلَوْ كُنَّا كَارِهِينَ
उसकी जाति के प्रमुखों ने, जिन्हें घमंड था, कहा कि हे शोऐब! हम तुम्हें तथा जो तुम्हारे साथ ईमान लाये हैं, अपने नगर से अवश्य निकाल देंगे अथवा तुम सबको हमारे धर्म में अवश्य वापस आना होगा। (शोऐब) ने कहाः क्या यदि हम उसे दिल से न मानें तो?
तफ़सीर
शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम के घमंडी प्रमुखाें और बड़े लोगों ने शुऐब अलैहिस्सलाम से कहा : (ऐ शुऐब!) हम तुझे और तेरे साथ तेरी बात मानने वालों काे अपने इस गाँव से अवश्य निकाल देंगे, या तुम अवश्य ही हमारे धर्म में वापस आ जाओगे। तो शुऐब अलैहिस्सलाम ने इनकार करते हुए और आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा : क्या हम तुम्हारे धर्म पर चलने लगें, अगरचे हम उसे नापसंद ही करते हों, क्योंकि हम जानते हैं कि तुम्हारा धर्म असत्य है?!
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