सूरह 7 · जुज़ 8

Al-A'raf · 7:63

أَوَعَجِبْتُمْ أَنْ جَاءَكُمْ ذِكْرٌ مِنْ رَبِّكُمْ عَلَىٰ رَجُلٍ مِنْكُمْ لِيُنْذِرَكُمْ وَلِتَتَّقُوا وَلَعَلَّكُمْ تُرْحَمُونَ

क्या तुम्हें इसपर आश्चर्य हो रहा है कि तुम्हारे पालनहार की शिक्षा तुम्हीं में से एक पुरुष द्वारा तुम्हारे पास आ गयी है, ताकि वह तुम्हें सावधान करे और ताकि तुम आज्ञाकारी बनो और अल्लाह की दया के योग्य हो जाओ?

तफ़सीर

क्या यह बात तुम्हारे आश्चर्य और विस्मय का कारण है कि तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से वह़्य तथा उपदेश तुममें से एक ऐसे व्यक्ति द्वारा आया, जिसे तुम पहचानते हो?! क्योंकि वह तुम्हारे ही बीच पला-बढ़ा, और वह न तो झूठा था, न पथभ्रष्ट था, न ही किसी अन्य जाति का था। वह तुम्हारे पास तुम्हें अल्लाह की सज़ा से डराने के लिए आया था, यदि तुमने झुठलाया और अवज्ञा किया, और ताकि तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, उससे डरो, तथा इस आशा में कि तुम पर दया की जाए, अगर तुम उसपर ईमान ले आओ।

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