सूरह 7 · जुज़ 8
Al-A'raf · 7:39
وَقَالَتْ أُولَاهُمْ لِأُخْرَاهُمْ فَمَا كَانَ لَكُمْ عَلَيْنَا مِنْ فَضْلٍ فَذُوقُوا الْعَذَابَ بِمَا كُنْتُمْ تَكْسِبُونَ
तथा उनका पहला समुदाय अपने दूसरे समुदाय से कहेगाः (यदि हम दोषी थे) तो हमपर तुम्हारी कोई प्रधानता नहीं[1] हुई, तो तुम अपने कुकर्मों की यातना का स्वाद लो।
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1. और हम और तुम यातना में बराबर हैं। आयत में इस तथ्य की ओर संकेत है कि कोई समुदाय कुपथ होता है तो वह स्वयं कुपथ नहीं होता, वह दूसरों को भी अपने कुचरित्र से कुपथ करता है। अतः सभी दुगनी यातना के अधिकारी हुये।
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1. और हम और तुम यातना में बराबर हैं। आयत में इस तथ्य की ओर संकेत है कि कोई समुदाय कुपथ होता है तो वह स्वयं कुपथ नहीं होता, वह दूसरों को भी अपने कुचरित्र से कुपथ करता है। अतः सभी दुगनी यातना के अधिकारी हुये।
तफ़सीर
तथा अनुसरण किए गए सरदार अपने अनुयायियों से कहेंगे : (ऐ अनुयायियो!) तुम्हें हमपर कोई श्रेष्ठता प्राप्त नहीं है कि जिसके कारण तुम इस बात के पात्र हो कि तुम्हारी यातना कम कर दी जाए। क्योंकि यहाँ केवल तुम्हारे किए हुए कर्मों का एतिबार है, और असत्य का पालन करने के लिए तुम्हारे पास कोई बहाना नहीं है। अतः हमारी तरह (ऐ अनुयायियो!) तुम भी यातना का मज़ा चखो, उस कुफ़्र और पापों के कारण, जो तुम किया करते थे।
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