सूरह 7 · जुज़ 8
Al-A'raf · 7:28
وَإِذَا فَعَلُوا فَاحِشَةً قَالُوا وَجَدْنَا عَلَيْهَا آبَاءَنَا وَاللَّهُ أَمَرَنَا بِهَا ۗ قُلْ إِنَّ اللَّهَ لَا يَأْمُرُ بِالْفَحْشَاءِ ۖ أَتَقُولُونَ عَلَى اللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ
तथा जब वे (मुश्रिक) कोई निर्लज्जा का काम करते हैं, तो कहते हैं कि इसी (रीति) पर हमने अपने पूर्वजों को पाया है तथा अल्लाह ने हमें इसका आदेश दिया है। (हे नबी!) आप उनसे कह दें कि अल्लाह कभी निर्लज्जा का आदेश नहीं देता। क्या तुम अल्लाह पर ऐसी बात का आरोप धरते हो, जिसे तुम नहीं जानते?
तफ़सीर
और जब मुश्रिक लोग कोई अति घृणित काम करते हैं, जैसे शिर्क तथा निर्वस्त्र होकर काबा का तवाफ़ करना आदि, तो वे यह बहाना पेश करते हैं कि उन्होंने अपने बाप-दादा को ऐसा करते पाया है और यह कि अल्लाह ने उन्हें ऐसा करने का आदेश दिया है। (ऐ मुहम्मद!) आप उनके जवाब में कह दें : अल्लाह गुनाहों का आदेश नहीं देता, बल्कि वह उनसे मना करता है। तो फिर तुम अल्लाह पर कैसे इसका दावा करते हो? क्या (ऐ मुश्रिको!) तुम झूठ बोलते हुए और झूठा आरोप लगाते हुए अल्लाह के बारे में ऐसी बात कहते हो, जो तुम नहीं जानते?!
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