सूरह 7 · जुज़ 9
Al-A'raf · 7:200
وَإِمَّا يَنْزَغَنَّكَ مِنَ الشَّيْطَانِ نَزْغٌ فَاسْتَعِذْ بِاللَّهِ ۚ إِنَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ
और यदि शैतान आपको उकसाये, तो अल्लाह से शरण माँगिये। निःसंदेह वह सबकुछ सुनने-जानने वाला है।
तफ़सीर
और यदि (ऐ रसूल!) आप महसूस करें कि शैतान आपके दिल में कोई ग़लत ख़याल डाल रहा है या आपको सत्कर्म से रोकने का प्रयास करता है, तो अल्लाह का शरण लें और उसे मज़बूती से पकड़ लें। क्योंकि वह आपकी बात को सुनने वाला और आपके शरण लेने को जानने वाला है। अतः वह शैतान से आपकी रक्षा करेगा।
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