सूरह 7 · जुज़ 9

Al-A'raf · 7:170

وَالَّذِينَ يُمَسِّكُونَ بِالْكِتَابِ وَأَقَامُوا الصَّلَاةَ إِنَّا لَا نُضِيعُ أَجْرَ الْمُصْلِحِينَ

और जो लोग पुस्तक को दृढ़ता से पकड़ते और नमाज़ की स्थापना करते हैं, तो वास्तव में, हम सत्कर्मियों का प्रतिफल अकारथ नहीं करते।

तफ़सीर

और जो लोग पुस्तक को दृढ़ता से पकड़ते हैं और उसमें जो कुछ है उसपर अमल करते हैं, तथा नमाज़ को उसके समय, उसकी शर्तों, उसकी वाजिबात (अनिवार्य कार्यों) और उसकी सुन्नतों की पाबंदी करते हुए अदा करते हैं, अल्लाह क़रीब ही उन्हें उनके कर्मों का बदला देगा। क्योंकि अल्लाह उस व्यक्ति का प्रतिफल बर्बाद नहीं करता, जिसका कार्य अच्छा हो।

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