सूरह 7 · जुज़ 8
Al-A'raf · 7:17
ثُمَّ لَآتِيَنَّهُمْ مِنْ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ وَعَنْ أَيْمَانِهِمْ وَعَنْ شَمَائِلِهِمْ ۖ وَلَا تَجِدُ أَكْثَرَهُمْ شَاكِرِينَ
फिर उनके पास उनके आगे और पीछे तथा दायें और बायें से आऊँगा[1] और तू उनमें से अधिक्तर को (अपना) कृतज्ञ नहीं पायेगा[2]।
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1. अर्थात प्रत्येक दिशा से घेरूँगा और कुपथ करूँगा। 2. शैतान ने अपना विचार सच्च कर दिखाया और अधिक्तर लोग उस के जाल में फंस कर शिर्क जैसे महा पाप में पड़ गये। (देखियेः सूरह सबा, आयतः20)
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1. अर्थात प्रत्येक दिशा से घेरूँगा और कुपथ करूँगा। 2. शैतान ने अपना विचार सच्च कर दिखाया और अधिक्तर लोग उस के जाल में फंस कर शिर्क जैसे महा पाप में पड़ गये। (देखियेः सूरह सबा, आयतः20)
तफ़सीर
फिर मैं उनके पास हर तरफ़ से आख़िरत के प्रति अरुचि पैदा करने, दुनिया के प्रति रुचि पैदा करने, दिलों में संदेह डालने और इच्छाओं को सुसज्जित करने के साथ आऊँगा। तथा मैं उनके अंदर कुफ़्र की बात इस क़दर डालूँगा कि तू उनमें से अधिकतर लोगों को अपना आभारी नहीं पाएगा।
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