सूरह 67 · जुज़ 29

Al-Mulk · 67:29

قُلْ هُوَ الرَّحْمَٰنُ آمَنَّا بِهِ وَعَلَيْهِ تَوَكَّلْنَا ۖ فَسَتَعْلَمُونَ مَنْ هُوَ فِي ضَلَالٍ مُبِينٍ

आप कह देः वह अत्यंत कृपाशील है। हम उसपर ईमान लाये तथा उसीपर भरोसा किया, तो तुम्हें ज्ञान हो जायेगा कि कौन खुले कुपथ में है।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप इन मुश्रिकों से कह दें : वही 'रहमान' है, जो तुम्हें अकेले अपनी इबादत के लिए आमंत्रित करता है। हम उसपर ईमान लाए, तथा अकेले उसी पर हमने अपने मामलों भरोसा किया है। चुनाँचे शीघ्र ही तुम्हें - अनिवार्य रूप से - पता चल जाएगा कि कौन स्पष्ट गुमराही में है और कौन सीधे रास्ते पर है।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें