सूरह 67 · जुज़ 29
Al-Mulk · 67:22
أَفَمَنْ يَمْشِي مُكِبًّا عَلَىٰ وَجْهِهِ أَهْدَىٰ أَمَّنْ يَمْشِي سَوِيًّا عَلَىٰ صِرَاطٍ مُسْتَقِيمٍ
तो क्या जो चल रहा हो औंधा हो कर अपने मुँह के बल वह अधिक मार्गदर्शन पर है ये जो सीधा हो कर चल रहा हो सीधी राह पर?[1]
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1. इस में काफ़िर तथा ईमानधार का उदाहरण है। और दोनों के जीवन-लक्ष्य को बताया गया है कि काफ़िर सदा मायामोह में रहते हैं।
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1. इस में काफ़िर तथा ईमानधार का उदाहरण है। और दोनों के जीवन-लक्ष्य को बताया गया है कि काफ़िर सदा मायामोह में रहते हैं।
तफ़सीर
क्या वह व्यक्ति जो अपने चेहरे के बल औंधा होकर चलता है - और वह बहुदेववादी है -, अधिक सीधी राह पर है या वह मोमिन, जो सीधे रास्ते पर सीधा होकर चलता है?!
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