सूरह 67 · जुज़ 29
Al-Mulk · 67:2
الَّذِي خَلَقَ الْمَوْتَ وَالْحَيَاةَ لِيَبْلُوَكُمْ أَيُّكُمْ أَحْسَنُ عَمَلًا ۚ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْغَفُورُ
जिसने उत्पन्न किया है मृत्यु तथा जीवन को, ताकि तुम्हारी परीक्षा ले कि तुममें किसका कर्म अधिक अच्छा है? तथा वह प्रभुत्वशाली, अति क्षमावान् है।[1]
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1. इस में आज्ञा पालन की प्रेरणा तथा अवैज्ञा पर चेतावनी है।
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1. इस में आज्ञा पालन की प्रेरणा तथा अवैज्ञा पर चेतावनी है।
तफ़सीर
जिसने मौत और जीवन को पैदा किया, ताकि वह तुम्हें (ऐ लोगो) परखे कि तुममें से कौन सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाला है? और वह ऐसा प्रभुत्वशाली है, जिस पर किसी का ज़ोर नहीं चलता। वह अपने तौबा करने वाले बंदों के गुनाहों को माफ़ करने वाला है।
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